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दिव्‍या राजगोपाल, मुंबई
भारत की कम से कम तीन कंपनियों ने कोविड-19 के लिए ऐंटीबॉडी दवाएं बनानी शुरू कर दी हैं। इनके जरिए, कोरोना संक्रमित व्‍यक्ति के शरीर में ऐंटीबॉडीज डिलिवर की जाएंगी। भारत सीरम्‍स, इन्‍टास फार्मा और बायोलॉजिकल ई ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर इस थिरेपी पर काम शुरू किया है। ऐंटीबॉडीज शरीर में फर्स्‍ट लाइन ऑफ डिफेंस की तरह काम करती हैं। जैसे ही कोई वायरस पैथोजेन हमला करता है, इम्‍युन सिस्‍टम ऐंटीबॉडीज बनाने लगता है। फिलहाल जो दवाएं कोरोना के इलाज में यूज हो रही हैं, वे मरीजों में केवल वायरल काउंट कम करती हैं। जबकि ऐंटीबॉडीज वैक्‍सीन की तरह होती हैं। न सिर्फ वे ऐंटीवायरल होती हैं, बल्कि इन्‍फेक्‍शन से कुछ वक्‍त के लिए इम्‍युनिटी भी देती हैं।

ट्रायल हो चुके, नतीजों का इंतजारअहमदाबाद की इन्‍टास ने उन मरीजों के खून से ऐंटीबॉडीज निकालने की योजना बनाई है जो ठीक हो चुके हैं। कंपनी ऐसी दवा बनाएगी जो सभी ब्‍लड ग्रुप के कोरोना मरीजों को दी जा सकेगी। कंपनी ने मॉडरेट मरीजों पर ट्रायल शुरू कर दिया था और रिजल्‍ट्स का इंतजार कर रही है। मुंबई की भारत सीरम्‍स घोड़ों के ऐंटीसेरा का इस्‍तेमाल कर ऐंटीबॉडीज बनाएगी। यह तरीका रेबीसज और डिप्‍थीरिया की वैक्‍सीन बनाने में भी यूज होता है। कंपनी को उम्‍मीद है कि अगले महीने तक उसके ट्रायल के नतीजे आ जाएंगे।

ट्रंप को दिया गया था ऐंटीबॉडीज का कॉकटेलपिछले दिनों अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कोरोना संक्रमित हुए थे। उन्‍हें मिलिट्री हॉस्पिटल में Regeneron का ऐंटीबॉडी कॉकटेल दिया गया। Regeneron के को-फाउंडर, प्रेजिडेंट और चीफ साइंटिफिक ऑफिसर जॉर्ज यानकॉपुलस के अनुसार, ‘हमने एक यूनिक ऐंटी-वायरल ऐंटीबॉडी कॉकटेल बनाया जो इन्फेक्शन रोकने और इलाज करने की क्षमता रखता है। साथ ही वायरस को फैलने से रोक सकता है।’ इसके अलावा अमेरिका की ही एक बायोटेक कंपनी SAb Biotherapeutics ने गायों के शरीर में ऐंटीबॉडीज डेवलप की हैं। कंपनी का दावा है कि एक गाय हर महीने इतनी ऐंटीबॉडीज बना सकती है जिससे सैकड़ों लोगों का इलाज हो सकता है।

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