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हाइलाइट्स:

  • भारत पूर्वी लद्दाख में तनाव के अलावा अन्य मुद्दों के निपटारे पर भी जोर दे रहा है
  • सूत्रों के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में सीमा तनाव को लेकर भारत और चीन के बीच गतिरोध जल्द खत्म हो सकता है
  • दोनों देशों की सेनाओं ने यथास्थिति बरकरार रखने के लिए तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर सहमति दी है

लद्दाख
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा पर मई महीने से जारी गतिरोध के बीच बड़ी खबर है। सूत्रों की मानें तो पूर्वी लद्दाख पर दोनों देशों के बीच तनाव जल्द ही खत्म हो सकता है। दोनों देशों की सेनाओं ने यथास्थिति बरकरार रखने के लिए तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर सहमति दी है। इसी बीच भारत पूर्वी लद्दाख में तनाव के अलावा अन्य मुद्दों के निपटारे पर भी जोर दे रहा है, उम्मीद की जा रही है कि किसी भी समझौते पर सहमती बन सकती है जिसमें लाइन ऑफ एक्ट्यूटल कंट्रोल (एलएसी) पर अन्य विवादित क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव से इस बारे में कई सवाल पूछे गए कि पूर्वी लद्दाख में छह महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या भारत और चीन किसी खास प्रस्ताव पर काम काम कर रहे हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय हिस्से चुशूल में छह नवंबर को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच आठवें दौर की उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के दौरान प्रस्ताव पर गहन विचार हुआ।

तनाव कम करने के लिए बातचीत
श्रीवास्तव ने कि कहा कि ठोस, समग्र और रचनात्मक बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने भारत-चीन इलाके में पश्चिमी सेक्टर में एलएसी से लगे गतिरोध वाले सभी स्थानों पर तनाव कम करने के लिए बातचीत की गई है। श्रीवास्तव ने कहा, भारत और चीन के बीच सैन्य और राजनयिक माध्यम से संवाद बनाए रखने और वरिष्ठ कमांडरों की बैठक में हुई चर्चा को आगे बढ़ाने, लंबित मुद्दे के समाधान पर सहमति बनी है। वे जल्द ही अगले दौर की बैठक के लिए सहमत हुए।

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तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर चर्चा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव से इस बारे में कई सवाल पूछे गए कि पूर्वी लद्दाख में छह महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या भारत और चीन किसी खास प्रस्ताव पर काम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे पास साझा करने के लिए जानकारी होगी तो हम साझा करेंगे। चर्चा चल रही है। बता दें कि दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते 6 नवंबर को चुशुल में 8वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी। इसी बैठक में तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर चर्चा की गई थी। सूत्रों ने बताया कि योजना को पैंगोंग झील इलाके में हुई बातचीत से एक हफ्ते में पूरा किया जाएगा। इस योजना को तीन चरणों में बांटा गया है।

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सेना ने अभी नहीं की आधिकारिक पुष्टि
बता दें दोनों देशों के बीच 15 जून की मध्य रात्रि में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी पर झड़प हुई थी जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। डिस्इंगेजमेंट प्लान पर सहमति की अभी भारतीय सेना की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस योजना के तहत दोनों देशों के बीच बात बन गई है। सूत्रों का कहना है कि मामला संवेदनशील होने की वजह से अभी सेना कुछ भी कहने से बच रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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