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अपनी समस्याएं बताते ग्राम प्रधान। संवाद
– फोटो : CHIBRAMAU



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छिबरामऊ (कन्नौज)। पराली जलाने से रोकने, गोशाला संचालन और विकास के मुद्दे पर ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में प्रधान भड़क गए। गोशाला संचालन और विकास कार्यों के लिए पैसा न मिलने पर प्रधानों ने नाराजगी जताई। यहां तक कह दिया घर बेचकर विकास कार्य नहीं कराएंगे। अगर अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की तो सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देेंगे।
ब्लाक सभागार में हुई बैठक में बीडीओ सीबी सिंह ने कहा कि प्रधानों से कहा कि किसानों से धान की पराली दान में लेकर गोशालाओं में गोवंश के चारे की व्यवस्था करें। इससे खेत पराली नहीं जलेगी और गोवंश को चारा भी मिल जाएगा। इस पर प्रधान भड़क गए। प्रधानों ले कहा कि चार बार मांग करने के बावजूद गोशाला संचालन के लिए पैसा नहीं मिला है।
प्रधानों ने कहा कि देखरेख करने वाले को 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। इतने कम पैसे में कोई काम करने को तैयार नहीं है। अपने पास से पैसा देना पड़ रहा है। देखरेख करने वाले को मनरेगा श्रमिक के बराबर मजदूरी मिलने चाहिए। शहजहांपुर गांव के प्रधान महेश कमल ने कहा कि तीन दिन में अगर पैसा नहीं भेजा गया तो प्रधान गोशाला संचालन बंद कर गोवंश छुट्टा छोड़ देंगे।
भौंराजपुर के प्रधान पुष्पेंद्र, ईश्वरदयाल, विशुनगढ़ प्रधान के प्रतिनिधि शिवकुमार और लडैता गांव के प्रधान ईश्वरदयालने पंचायत घर निर्माण के लिए 20 लाख और सामुदायिक शौचालय के लिए आठ लाख रुपये मंजूर किए हैं। कुछ ग्राम पंचायतों के खाते में ही तीन लाख रुपये की किस्त आई है लेकिन काम सभी जगह कराने के निर्देश हैं। प्रधान निजी संसाधनों से निर्माण कार्य पूरा करा रहे हैं।
अधिकारी समस्याओं का निराकरण नहीं करवा रहे हैं। प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी भी दी। कहा कि जनपद स्तर पर सुनवाई न हुई तो संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। बैठक में एडीओ कृषि शशिपाल सिंह, एडीओ समाज कल्याण श्यामबरन सिंह, एडीओ आईएसबी सुभाष चंद्र, ग्राम पंचायत सचिव देवेंद्र सिंह पाल, शिवम पाठक, रत्नांजलि, अनुराधा व दीपक यादव, रचना गुप्ता मौजूद रहीं।

छिबरामऊ (कन्नौज)। पराली जलाने से रोकने, गोशाला संचालन और विकास के मुद्दे पर ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में प्रधान भड़क गए। गोशाला संचालन और विकास कार्यों के लिए पैसा न मिलने पर प्रधानों ने नाराजगी जताई। यहां तक कह दिया घर बेचकर विकास कार्य नहीं कराएंगे। अगर अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की तो सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देेंगे।

ब्लाक सभागार में हुई बैठक में बीडीओ सीबी सिंह ने कहा कि प्रधानों से कहा कि किसानों से धान की पराली दान में लेकर गोशालाओं में गोवंश के चारे की व्यवस्था करें। इससे खेत पराली नहीं जलेगी और गोवंश को चारा भी मिल जाएगा। इस पर प्रधान भड़क गए। प्रधानों ले कहा कि चार बार मांग करने के बावजूद गोशाला संचालन के लिए पैसा नहीं मिला है।

प्रधानों ने कहा कि देखरेख करने वाले को 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। इतने कम पैसे में कोई काम करने को तैयार नहीं है। अपने पास से पैसा देना पड़ रहा है। देखरेख करने वाले को मनरेगा श्रमिक के बराबर मजदूरी मिलने चाहिए। शहजहांपुर गांव के प्रधान महेश कमल ने कहा कि तीन दिन में अगर पैसा नहीं भेजा गया तो प्रधान गोशाला संचालन बंद कर गोवंश छुट्टा छोड़ देंगे।

भौंराजपुर के प्रधान पुष्पेंद्र, ईश्वरदयाल, विशुनगढ़ प्रधान के प्रतिनिधि शिवकुमार और लडैता गांव के प्रधान ईश्वरदयालने पंचायत घर निर्माण के लिए 20 लाख और सामुदायिक शौचालय के लिए आठ लाख रुपये मंजूर किए हैं। कुछ ग्राम पंचायतों के खाते में ही तीन लाख रुपये की किस्त आई है लेकिन काम सभी जगह कराने के निर्देश हैं। प्रधान निजी संसाधनों से निर्माण कार्य पूरा करा रहे हैं।
अधिकारी समस्याओं का निराकरण नहीं करवा रहे हैं। प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी भी दी। कहा कि जनपद स्तर पर सुनवाई न हुई तो संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। बैठक में एडीओ कृषि शशिपाल सिंह, एडीओ समाज कल्याण श्यामबरन सिंह, एडीओ आईएसबी सुभाष चंद्र, ग्राम पंचायत सचिव देवेंद्र सिंह पाल, शिवम पाठक, रत्नांजलि, अनुराधा व दीपक यादव, रचना गुप्ता मौजूद रहीं।

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