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नई दिल्ली
भारतीय टीम का गेंदबाजी आक्रमण इस समय शानदार है। और इसी वजह से हालिया दौर में टीम का प्रदर्शन भी लाजवाब रहा है। लेकिन विराट कोहली की टीम के पास कोई बाएं हाथ का तेज गेंदबाज नहीं है।

जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा ने मिलकर 2018-19 के दौरे पर 48 विकेट लिए थे। इस तिकड़ी के प्रदर्शन के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीती थी। लेकिन ये सभी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं।

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि टीम इंडिया के गेंदबाजी आक्रमण में बाएं हाथ के गेंदबाज का न होना कहीं न कहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए फायदे की बात है।

इरफान, जो खुद एक बाएं हाथ के गेंदबाज रहे हैं, ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि अगर तेज गेंदबाजी की बात करें तो दोनों टीमें लगभग बराबर हैं।

पठान ने कहा, ‘बेशक दोनों टीमों की गेंदबाजी मजबूत है। इस मामले में दोनों टीमें बराबर हैं। भारत के पास एक टॉप क्लास बोलिंग अटैक है। लेकिन मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के पास बढ़त होगी क्यों एक तो वह घर पर खेल रहे हैं और दूसरा उनके पास बाएं हाथ के पेसर मिशेल स्टार्क हैं।’

क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने पठान ने कहा, ‘बाएं हाथ का गेंदबाज आपको वैरायटी देता है और साथ ही दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए गेंद ऐंगल अक्रॉस जाती है। मुझे लगता है कि यह फायदा बहुत कम होगा लेकिन फायदा होगा यह बता पक्की है।’

बाएं हाथ के भारतीय गेंदबाजों ने किया है अच्छा प्रदर्शन
बाएं हाथ का गेंदबाज बेशक आपको थोड़ी वैरायटी देता है लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत के बाएं हाथ के गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन किया है।

जहीर खान ने 2003-04 में ब्रिसबन टेस्ट में पारी में पांच विकेट लिए थे। भारत ने यह मैच ड्रॉ करवाया था। इरफान पठान ने इसी सीरीज में अच्छा डेब्यू किया था। इसके बाद 2007-08 के पर्थ टेस्ट में उन्होंने पांच विकेट लिए थे और बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया था।

इसी टेस्ट में आरपी सिंह ने पहली पारी में 68 रन देकर चार विकेट लिए थे। और उन्होंने दूसरी पारी में दो विकेट लिए थे।

हाल के दौर को देखें तो भारतीय टीम में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा है। जयदेव उनादकत, खलील अहमद और बरिंदर सरन ने शुरुआत तो अच्छी की लेकिन वह इसे जारी नहीं रख पाए।

ऑस्ट्रेलियाई टीम में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की वापसी हुई है और साथ ही मार्नस लाबुशाने भी जबर्दस्त खेल दिखा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि बाएं हाथ के गेंदबाज की कमी टीम को न खले।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज की शुरुआत 27 नवंबर से तीन वनडे इंटरनैशनल मैचों से होगी। चार टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 17 दिसंबर से होगी। पहला मैच डे-नाइट होगा और यह ऐडिलेड में खेला जाएगा।

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