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नई दिल्ली। इंडियन बैंकिंग सिस्टम ( Indian Banking System ) को लेकर काफी समय से सवाल खड़े हुए हैं। अब तो पूर्व गवर्नर्स भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) की कार्सप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं। ऐसे में आरटीआई ( RTI ) के तहत जो डाटा सामने आया है वो बेहद चौंकाने वाला है। देश के 18 सरकारी बैंकों ( 18 PSU Banks ) में बीते वित्त वर्ष में 1.48 लाख करोड़ रुपए के फ्रॉड ( PSU Bank Frauds ) हुए हैं। यह सारा रुपया देश के आम लोगों का है। सबसे ज्यादा फ्रॅाड देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( State Bank of India ) में हुआ हैै। आपको बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ की ओर से डाली गई आरटीआई के जवाब में आरबीआई ( RBI ) की ओर से जानकारी दी गई है। आरबीआई द्वारा जारी डाटा में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों की प्रकृति और छल के शिकार तत्कालीन 18 सरकारी बैंकों या उनके ग्राहकों को हुए नुकसान का विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया है। अब मौजूदा समय में देश में 12 सरकारी बैंक रह गए हैं।

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किस बैंक में कितनी हुई धोखाधड़ी
– भारतीय स्टेट बैंक में इस अवधि के दौरान 44,612.93 करोड़ रुपए हुई और 6,964 मामले सामने आए।
– यह रकम बीते वित्त वर्ष के दौरान 18 सरकारी बैंकों में धोखाधड़ी की जद में आई कुल धनराशि का करीब 30 फीसदी है।
– पंजाब नेशनल बैंक में 395 मामले देखने को मिले, जिसमें 15,354 करोड़ रुपए फ्रॉड हुए।
– बैंक ऑफ बड़ौदा रहा जिसमें 349 मामलों के साथ 12,586.68 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आयी।
– बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय एक अप्रैल, 2020 से अमल में आया था।
– यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 424 मामलों में 9,316.80 करोड़ रुपए सामने आए।
– बैंक ऑफ इंडिया ने 200 मामलों में 8,069.14 करोड़ रुपए फ्रॉड हुए।
– केनरा बैंक ने 208 मामलों में 7,519.30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी देखने को मिली।
– इंडियन ओवरसीज बैंक ने 207 मामलों में 7,275.48 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई।
– इलाहाबाद बैंक ने 896 मामलों में 6,973.90 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ।
– यूको बैंक ने 119 मामलों में 5,384.53 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की सूचना मिली।
– ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने 329 मामलों में 5,340.87 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ।
– सिंडिकेट बैंक ने 438 मामलों में 4,999.03 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई।
– कॉरपोशन बैंक ने 125 मामलों में 4,816.60 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ।
– सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 900 मामलों में 3,993.82 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी पकड़ी गई।
– आंध्रा बैंक ने 115 मामलों में 3,462.32 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ।
– बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 413 मामलों में 3,391.13 करोड़ रुपए के फ्रॉड की सूचना मिली।
– यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने 87 मामलों में 2,679.72 करोड़ रुपए का फ्रॉड हुआ।
– इंडियन बैंक ने 225 मामलों में 2,254.11 करोड़ रुपए फ्रॉड देखने को मिला।
– पंजाब एंड सिंध बैंक ने 67 मामलों में 397. 28 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की बात सामने आई।



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