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हाइलाइट्स:

  • सऊदी अरब में हुए 15वें G20 शिखर सम्मेलन का समापन, अब 2021 में इटली में होगा अगला सम्मेलन
  • 2022 में इंडोनेशिया और 2023 में जी-20 समिट की मेजबानी करेगा भारत, पहले 2022 में होना था आयोजन
  • G-20 समिट के समापन पर पीएम मोदी ने सऊदी अरब की तरफ से किए गए सफल आयोजन पर आभार जताया

नई दिल्ली/रियाद
सऊदी अरब की ओर से आयोजित 15वें G20 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद अब अगला सम्मेलन 2021 में इटली में होगा। जबकि 2022 में इंडोनेशिया और 2023 में G20 सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। सम्मलेन के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की तरफ से किए गए सफल आयोजन पर आभार जताया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत G20 के सदस्य देशों के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सभी के लिए कोविड-19 के निदान, उपचार और टीके किफायती और समान तरीके से उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने जी-20 समिट में प्रभावी तरीके अपना पक्ष रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्चुअली आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में कहा कि भारत न केवल अपने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा कर रहा है, बल्कि उससे आगे भी बढ़ रहा है। जी-20 साइड इवेंट, ‘सेफगार्डिग द प्लैनेट-द सर्कुलर कार्बन इकोनॉमिक अप्रोच’ में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत ने स्वच्छ जलवायु के लिए कई क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई की है।

सम्मेलन के आखिरी दिन घोषणापत्र जारी
G20 के सदस्य देशों के नेताओं के दो दिवसीय सम्मेलन के बाद अंतिम घोषणापत्र जारी किया गया। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी भाग लिया। G20 रियाद सम्मेलन में नेताओं का घोषणापत्र दुनिया की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं के शासन प्रमुखों या राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन के समापन पर जारी किया गया। इसमें नेताओं ने कहा है कि 2020 में महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं वैश्विक आर्थिक गतिविधियां आंशिक रूप से बढ़ी हैं और हमारी अर्थव्यवस्थाएं धीरे-धीरे फिर से खुली हैं और हमारी महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

कोरोना महामारी पर विस्तार से चर्चा

जी20 नेताओं ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी और लोगों की जिंदगियों, रोजी रोटी और अर्थव्यवस्थाओं पर असर के लिहाज से इसके अभूतपूर्व प्रभाव ने ऐसा झटका दिया है कि तैयारियों और कार्रवाई में नाजुकपन सामने आया है और साझा चुनौतियां उजागर हुई हैं। उन्होंने पिछले दो दिन में महामारी से संबंधित अनेक मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कहा कि हम सभी विकासशील और अल्प विकसित देशों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि उन्हें कोविड-19 के स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था संबंधी और सामाजिक प्रभावों का एक साथ सामना करना पड़ा है। नेताओं ने अफ्रीका और छोटे द्वीपीय विकासशील राज्यों में विशेष चुनौतियों का जिक्र किया। समूह के नेताओं ने शेष वैश्विक वित्तीय जरूरतों पर ध्यान देने की प्रतिबद्धता जताई।

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पहले 2022 में भारत की मेजबानी हुआ था फैसला
नेताओं ने यह घोषणा भी कि 2023 में समूह के सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा। पहले 2022 में भारत की मेजबानी का निर्णय हुआ था। पिछले साल ओसाका में जी20 के घोषणापत्र में 2022 में भारत में आयोजन की घोषणा की गई थी। हालांकि रविवार को रियाद के घोषणापत्र में कहा गया कि अगला सम्मलेन 2021 में इटली में, 2022 में इंडोनेशिया में, 2023 में भारत में और 2024 में ब्राजील में होगा।

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