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24 सितंबर के बाद एक बार फिर आज शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली नजर आई। बीएसई का सेंसेक्स 1066 अंक लुढ़ककर 39,728 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 290 अंक गिरकर 11,680 के स्तर पर बंद हुआ। इस कोहराम के बीच सेंसेक्स में एशियन पेंट्स को छोड़कर सभी शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए। शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को 3.25 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी।

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बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 157.31 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। एचडीएफसी बैंक 3.5 फीसद और कोटक महिंद्र बैंक 3.4 फीसद गिरकर बंद हुआ। वहीं सेक्टर की बात करें तो IT और बैंकिंग इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स गुरुवार को 3 फीसद गिरा। आइए जानें बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे क्या कारण रहे….

दुनियाभर में फिर लॉकडाउन की तैयारी

यूरोपीय देशों की सरकार कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए एक बार फिर सख्ती बढ़ा रही है, जिससे इकोनॉमी रिकवरी प्रभावित हो रही है। फ्रांस ने कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि दूसरे देश स्कूल बंद कर रहे हैं। वहीं अस्पतालों में सर्जरी कैंसिल कर रहे हैं। यह भी रिपोर्ट आ रही है कि यूरोप में हर दिन 1 लाख नए केस आ रहे हैं। जबकि,  ब्रिटेन में रोज 50,000 से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं, लिहाजा आने वाले दिनों में भी इकोनॉमी के कमजोर रहने की आशंका से बिकवाली हुई।

अमेरिका में राहत पैकेज मिलने की उम्मीद खत्म

अमेरिका में निवेशकों की वह आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई, जिसमें वह मान कर चल रहे थे कि प्रेसिडेंट ट्रंप चुनावों से पहले पैकेज का ऐलान कर सकते हैं। नवंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने वाले हैं। इसकी वजह से भी बिकवाली बढ़ी है।

कमजोर ग्लोबल संकेत

अंतरारष्ट्रीय बाजारों से संकेत लेकर भारतीय शेयर बाजार भी आज कमजोरी के साथ खुला। दुनिया के अन्य बाजारों में एशिया में चीन का शंघाई, हांगकांग, जापान में तोक्यो और दक्षिण कोरिया के सियोल में दो प्रतिशत तक की गिरावट आयी।  यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तीन प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी।  इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 42.38 पर कारोबार कर रहा था।  अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे की गिरावट के साथ 73.36 पर बंद हुआ।

प्रॉफिट बुकिंग

 कारोबारियों ने कहा कि घरेलू बाजार में हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को उचित समझा। बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग रही। पिछले 10 दिनों से बाजार में तेजी जारी थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टेक्निकल चार्ट में करेक्शन होना तय था। 

अनुमान गलत साबित हुए

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”बाजार में बड़े प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद से तेजी आयी थी, लेकिन भारत में पैकेज को लेकर जो अनुमान था, वैसी घोषणा नहीं हुई। पुन: अमेरिका और यूरोप में पैकेज में देरी हुई है। साथ ही कोविड-संक्रमण के मामलों में फिर से तेजी के कारण आर्थिक पुनरूद्धार को लेकर एक दबाव है।   उन्होंने कहा, ”शेयरों के दाम उच्च स्तर पर पहुंचने और आर्थिक पुनरूद्धार में नरमी को लेकर सुरक्षा का दायरा थोड़ा कम हुआ है। आने वाले समय में प्रवृत्ति प्रोत्साहन के संदर्भ में उपायों की घोषणा और कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम पर निर्भर करेगी।
    

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