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सिंगर आदित्य नारायण इस समय सुर्खियों में हैं। सेविंग अकाउंट में 18 हजार रुपये बचे हैं, ऐसा उन्होंने बयान दिया था। एक न्यूज पोर्टल संग बातचीत में उन्होंने अपनी इस बात पर सफाई दी है। आदित्य का कहना है कि उनके इस बयान को ट्विस्ट किया गया है। उन्होंने एक उदाहरण के तौर पर यह बात एक महीने पहले कही थी। 

जूम डिजिटल संग बातचीत में आदित्य नारायण ने कहा, “मैंने यह बात किसी और तरह से कही थी, लेकिन इसे नकारात्मक रूप से पेश किया गया। लोगों के सामने इसे ट्विस्ट करके रखा गया। कहीं न कहीं यह कहा गया कि आदित्य नारायण शादी कर रहे हैं और उनके पास पैसे नहीं हैं। मैंने यह स्टेटमेंट एक एंटरटेनमेंट पोर्टल को ‘तेरे बगैर’ के प्रमोशन के दौरान दिया था। उन्होंने मेरे से पूछा था कि क्या आपको सही लगता है जिस तरह सरकार ने कोरोना वायरस के चलते मॉल्स, शूट और ऑफिस खोल दिए हैं?”

आदित्य ने कहा, “मैनें उनसे इस बात पर कहा था कि मैं अपनी कोई भी पर्सनल सोच इसपर नहीं देना चाहता हूं। सात से आठ महीने बाद मैं आर्थिक रूप से थोड़ी चीजें देख रहा हूं, क्योंकि जनवरी या फरवीर के महीने में मैंने एक फ्लैट खरीदा है, जिसकी डाउन पेमेंट मैंने दी थी। जब आप बड़ा घर खरीदते हैं तो ऐसे में आप बैंक से भी इसके लिए कुछ लोन भी लेते हैं। EMI भरते हुए कई बार ऐसे भी दिन आते हैं जब आपके अकाउंट में कुछ हजार रुपये ही बच जाते हैं, वह ऊपर-नीचे होता रहता है। मेरे कहने का मतलब था कि मैं काम करता हूं, मेरे सामने कुछ चैलेंजेज आते हैं तो मैं समझ सकता हूं कि एक मीडिल-क्लास व्यक्ति और दिहाड़ी मजदूर के लिए यह समय कितना मुश्किलों भरा हो सकता है।”

आदित्य आगे कहते हैं कि मैं लोगों को इस बात से इंस्पायर और मोटिवेट करने की कोशिश कर रहा था कि अगर आपकी जिंदगी में आर्थिक और इमोशनल स्ट्रेस है, तो धैर्य रखें, पूरी दुनिया इससे जूझ रही है। इसकी वजह से हम सभी को कोई न कोई चैलेंज का सामना करना पड़ा है, इसलिए प्लान बी अपनाएं। तो उस चीज को जोड़कर-घटाकर कुछ और ही भरता बना दिया है उन लोगों ने। अब मेरे परिवार और दोस्त लोग फोन करके पूछ रहे हैं कि तुम्हारी कोई मदद कर दें क्या?

आदित्य एंटरटेनमेंट पोर्टल पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि मैं अपने फैन्स और पब्लिक से कनेक्ट करने की कोशिश कर रहा था, सब यह सोचते हैं कि केवल उनकी लाइफ अच्छी नहीं है, मैंने कुछ परेशानियां देखी हैं, हम सभी इस महामारी का शिकार हुए हैं। रही बात हमारी लाइफ की तो वह तब तक चलती रहेगी जब तक हमें काम मिलता रहेगा। और अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें कोई और विकल्प सोचने की जरूरत है। मेरे कहने का मतलब था कि सरकार ने शायद ठीक ही किया चीजों को खोलकर। अगर लोग काम नहीं करेंगे तो घर कैसे चलेगा। यह आम आदमी का मुद्दा नहीं है, हम लोग भी अपने घर की EMI और लोन की पेमेंट भरते हैं। हमारे भी महीने के खर्च होते हैं। सब चीजों को देखते हुए हर इंसान के सामने ये चीजें आती हैं। 

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आदित्य ने आगे कहा, “लोगों को कम से कम ऐसी चीजें लिखनी चाहिए, जिसे पढ़कर यकीन हो। आदित्य बैंक्रप्ट हो गया। मेरा कोई बिजनेस नहीं है कि रातों-रात मैं बैंक्रप्ट हो जाऊंगा। मेरे स्टॉक नहीं गिर गए। कई लोग ये चीजें इसलिए करते हैं, जिससे उन्हें अच्छी हेडलाइन मिल जाए, सेंसेश्नलिज्म हो जाए और अब ज्यादा हो गया है। अगर ऐसा होता रहा तो हम बात करना छोड़ देंगे। तब हमारे लिए ये कहने लगेंगे कि वह तो हमसे बात ही नहीं करता है। जब हम बात करते हैं, दिल से कुछ कहते हैं तो फिर आप कुछ भी डालकर कभी भी आप छाप देते हो।”

आदित्य कहते हैं कि मैंने यह इंटरव्यू करीब एक महीने पहले दिया था। कहां वह छप गया, कहां आप दो दिन पहले उसको लेकर आए और आज नए तरीके से लेकर आए। मुझे लगता है कि हर पब्लिकेशन ने इसे लिया। किसी ने भी मुझे फोन करके इसके बारे में नहीं पूछा। मैं गुजारिश करूंगा कि जिस चीज को जिस तरह कहा जाता है, उसे उसी तरह लें। ऐसे न करें कि आप घटाएं-जोड़ें और दूसरे तरीके से पेश करें। एक दो लोग लिखते तो मैं इस चीज को जाने देता, लेकिन सारे बड़े-बड़े पब्लिकेशन ने इसे लिया और मेरे से पूछा नहीं और छाप रहे हैं। मुझे लगता है कि अब हम लोगों को ही बोलने से पहले सोचना पड़ेगा।  

बता दें कि आदित्य नारायण का एक बयान वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि उनके सेविंग अकाउंट में केवल 18 हजार रुपये बचे हैं। वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सर्वाइव करने के लिए उन्हें अपनी बाइक भी बेचनी पड़ सकती है। 

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