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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

Updated Sun, 18 Oct 2020 02:34 PM IST

चीन में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI



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चीन के स्वास्थ्य प्राधिकारण ने क्विंगदाओ बंदरगाह शहर में आयातित फ्रोजन समुद्री मछली के पैकेट की बाहरी सतह पर जीवित कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि की है। ‘चाइनीज सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एडं प्रिवेंशन’ (सीडीसी) ने शनिवार को एक बयान में बताया कि दुनिया में यह पहला मौका है जब फ्रोजन खाद्य पैकेट की बाहरी सतह पर जिंदा कोरोना वायरस मिला है।

क्विंगदाओ शहर में हाल ही में कोविड-19 मामलों का एक ‘क्लस्टर’ सामने आया है। इसके बाद प्रशासन ने अपने सभी करीब 1.1 करोड़ नागरिकों की जांच कराई लेकिन ऐसा कोई नया ‘क्लस्टर’ नहीं पाया गया। जुलाई में चीन ने फ्रोजन झींगे के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी थी क्योंकि पैकेटों और कंटेनर के अंदरूनी हिस्सों में यह घातक वायरस पाया गया था।

यह भी पढ़ें- चीन का यह शहर सिनोवैक कोरोना वैक्सीन बेचने को तैयार, तय की कीमत

सीडीसी ने कहा कि उसे क्विंगदाओ में आयातित कॉड मछली के पैकेट के बाहर जीवित वायरस मिला। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने सीडीसी के बयान के हवाले से खबर दी है कि शहर में हाल ही में संक्रमण सामने आने के बाद उसके स्रोत की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। उससे यह साबित हो गया कि जीवित कोरोना वायरस से संक्रमित डिब्बों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि ये पैकेट किस देश से आए थे।

एजेंसी ने कहा कि चीन के बाजार में कोल्ड-चेन फूड सर्कुलेटिंग का जोखिम कोरोना वायरस से दूषित हो रहा है। बता दें कि 15 सितंबर तक देश के 24 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में कुल 20 लाख 98 हजार नमूनों का परीक्षण किया गया था, जिसमें 670,000 कोल्ड-चेन फूड या फूड पैकेजिंग से लिया गया था।

चीन के स्वास्थ्य प्राधिकारण ने क्विंगदाओ बंदरगाह शहर में आयातित फ्रोजन समुद्री मछली के पैकेट की बाहरी सतह पर जीवित कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि की है। ‘चाइनीज सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एडं प्रिवेंशन’ (सीडीसी) ने शनिवार को एक बयान में बताया कि दुनिया में यह पहला मौका है जब फ्रोजन खाद्य पैकेट की बाहरी सतह पर जिंदा कोरोना वायरस मिला है।

क्विंगदाओ शहर में हाल ही में कोविड-19 मामलों का एक ‘क्लस्टर’ सामने आया है। इसके बाद प्रशासन ने अपने सभी करीब 1.1 करोड़ नागरिकों की जांच कराई लेकिन ऐसा कोई नया ‘क्लस्टर’ नहीं पाया गया। जुलाई में चीन ने फ्रोजन झींगे के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी थी क्योंकि पैकेटों और कंटेनर के अंदरूनी हिस्सों में यह घातक वायरस पाया गया था।

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सीडीसी ने कहा कि उसे क्विंगदाओ में आयातित कॉड मछली के पैकेट के बाहर जीवित वायरस मिला। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने सीडीसी के बयान के हवाले से खबर दी है कि शहर में हाल ही में संक्रमण सामने आने के बाद उसके स्रोत की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। उससे यह साबित हो गया कि जीवित कोरोना वायरस से संक्रमित डिब्बों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि ये पैकेट किस देश से आए थे।

एजेंसी ने कहा कि चीन के बाजार में कोल्ड-चेन फूड सर्कुलेटिंग का जोखिम कोरोना वायरस से दूषित हो रहा है। बता दें कि 15 सितंबर तक देश के 24 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में कुल 20 लाख 98 हजार नमूनों का परीक्षण किया गया था, जिसमें 670,000 कोल्ड-चेन फूड या फूड पैकेजिंग से लिया गया था।

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