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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Sun, 18 Oct 2020 05:13 PM IST



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दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर चार करोड़ से अधिक पहुंच गई है। जबकि 11 लाख से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।वहीं भारत में संक्रमितों का आंकड़ा 74.94 लाख के पार हो चुका है और एक लाख 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को स्वीकार किया है कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन (सामुदायिक प्रसारण) के चरण में पहुंच चुका है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अपने साप्ताहिक सोशल मीडिया कार्यक्रम ‘संडे संवाद’ के दौरान कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का कुछ जिलों में सामुदायिक प्रसारण शुरू हो गया है, लेकिन यह पूरे देश में नहीं हो रहा है। 

‘संडे संवाद’ में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सोशल मीडिया पर लोगों से बात करते हैं, उनके सवालों के जवाब देते हैं। इसी कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में सामुदायिक प्रसारण होने की बात कही है, क्या अन्य राज्यों में भी सामुदायिक प्रसारण हो रहा है? इसके जवाब में हर्षवर्धन ने स्वीकार किया कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के अलग-अलग क्षेत्रों में सामुदायिक प्रसारण की सूचना मिली है। हालांकि, यह देश भर में नहीं हो रहा है। यह कई राज्यों के कुछ जिलों तक ही सीमित है। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्र तक। 

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले आने के बाद पहली बार स्वास्थ्य मंत्री ने इसके सामुदायिक प्रसारण की बात स्वीकार की है। इससे पहले वो हमेशा इस बात से इनकार करते रहे हैं। 

ममता ने इस हफ्ते सामुदायिक प्रसारण की बात कही : 

इस हफ्ते की शुरुआत में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लोगों से आगामी दुर्गा पूजा के मौसम के बारे में सावधानी बनाए रखने की अपील की थी। ममता ने कहा था, ”मैं सभी से त्योहारों के मौसम में कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह करती हूं। राज्य में कोविड-19 के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के भी उदाहरण हैं।”

उधर, जुलाई में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक मार्गदर्शन दस्तावेज जारी किया था जिसमें अनजाने में यह बात भी सामने आ गई कि भारत में अप्रैल के शुरू में सामुदायिक प्रसार हुआ था। बाद में इस दस्तावेज को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से हटा लिया गया था

 

सार

  • हर्षवर्धन बोले, देश में कोरोना का सामुदायिक प्रसारण शुरू हो गया
  • घनी आबादी वाले क्षेत्र में हो रहा कोरोना का सामुदायिक प्रसारण 

विस्तार

दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर चार करोड़ से अधिक पहुंच गई है। जबकि 11 लाख से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।वहीं भारत में संक्रमितों का आंकड़ा 74.94 लाख के पार हो चुका है और एक लाख 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को स्वीकार किया है कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत कम्युनिटी ट्रांसमिशन (सामुदायिक प्रसारण) के चरण में पहुंच चुका है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अपने साप्ताहिक सोशल मीडिया कार्यक्रम ‘संडे संवाद’ के दौरान कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का कुछ जिलों में सामुदायिक प्रसारण शुरू हो गया है, लेकिन यह पूरे देश में नहीं हो रहा है। 

‘संडे संवाद’ में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सोशल मीडिया पर लोगों से बात करते हैं, उनके सवालों के जवाब देते हैं। इसी कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में सामुदायिक प्रसारण होने की बात कही है, क्या अन्य राज्यों में भी सामुदायिक प्रसारण हो रहा है? इसके जवाब में हर्षवर्धन ने स्वीकार किया कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोरोना वायरस के कम्युनिटी स्प्रेड होने की आशंका है। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के अलग-अलग क्षेत्रों में सामुदायिक प्रसारण की सूचना मिली है। हालांकि, यह देश भर में नहीं हो रहा है। यह कई राज्यों के कुछ जिलों तक ही सीमित है। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्र तक। 

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले आने के बाद पहली बार स्वास्थ्य मंत्री ने इसके सामुदायिक प्रसारण की बात स्वीकार की है। इससे पहले वो हमेशा इस बात से इनकार करते रहे हैं। 

ममता ने इस हफ्ते सामुदायिक प्रसारण की बात कही : 

इस हफ्ते की शुरुआत में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लोगों से आगामी दुर्गा पूजा के मौसम के बारे में सावधानी बनाए रखने की अपील की थी। ममता ने कहा था, ”मैं सभी से त्योहारों के मौसम में कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह करती हूं। राज्य में कोविड-19 के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के भी उदाहरण हैं।”

उधर, जुलाई में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक मार्गदर्शन दस्तावेज जारी किया था जिसमें अनजाने में यह बात भी सामने आ गई कि भारत में अप्रैल के शुरू में सामुदायिक प्रसार हुआ था। बाद में इस दस्तावेज को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से हटा लिया गया था

 

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