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Delhi सरकार का प्रदूषण के खिलाफ रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ़ कैंपेन, केजरीवाल ने किया आगाज

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रदूषण के मुद्दे पर डिजिटल प्रेस कान्फ्रेंस

खास बातें

  • सीएम केजरीवाल ने कहा, पड़ोसी राज्य में पराली जलना नहीं रोक सकते
  • मुख्यमंत्री ने कहा, पूरे दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा वाहन पंजीकृत
  • बोले, दस फीसदी वाहन रेडलाइट पर बंद हो बड़ा बदलाव आएगा

नई दिल्ली:

दिल्ली के मुख्यमंत्री (Delhi CM) अरविंद केजरीवाल नेप्रदूषण (Pollution) के मुद्दे पर गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का सिलसिला फिर से चालू हो गया है. दिल्ली सरकार तो इसे रोक नहीं सकती, लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए अन्य कड़े कदम उठाएगी. इसी के तहत मुख्यमंत्री ने रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ़ कैंपेन शुरू किया.

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पराली का धुआं पहुंच गया, यह तो फिर भी कम हो जाता होगा लेकिन जिन गांव में यह जलाई जाती होगी वहां किसानों का क्या हाल होता होगा. साल दर साल की कहानी चलती आ रही है. पराली जलाने से धुआं दिल्ली आ रहा है. उसके बारे में तो हम कुछ नहीं कर सकते.लेकिन दिल्ली में अपना प्रदूषण कम करने के लिए जो जो कदम हम उठा सकते हैं वह उठा रहे हैं. आने वाले दिनों में सभी लोग इस कैंपेन में शामिल हों. दिल्ली का हर नागरिक प्रदूषण कम करे. कोरोना में वैसे ही लोग दुखी है, अगर प्रदूषण बढ़ गया, तो जानलेवा हो सकता है.

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एंटी डस्ट कैंपेन भी चलाया

उन्होंने कहा कि धूल को रोकने के लिए एंटी डस्ट कैंपेन चलाया गया है. पराली ना चलानी पड़े इसलिए पूसा इंस्टीट्यूट का बायो डी कंपोजर शुरू किया है. मगर रोजाना लाल बत्ती के ऊपर जब हम अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं उस वक्त अपनी गाड़ी बंद नहीं करते और गाड़ी ऑन रहती है. सोचिए, उस समय गाड़ी से कितना धुआं निकलता है. केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में एक करोड़ वाहन पंजीकृत है.रोज 30 से 40 लाख वाहन  सड़कों पर आते होंगे और वह लाल बत्ती पर धुआं छोड़ते होंगे. लिहाजा  हम रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ़ कैंपेन शुरू कर रहे हैं.यानी लाल बत्ती पर गाड़ी बंद रखेंगे, इससे प्रदूषण बहुत कम हो जाएगा,1 मिनट में जितना ईंधन खर्च होता है वह ड्राइविंग से ज्यादा होता है

पराली जलाने से किसानों को भी नुकसान

सीएम केजरीवाल ने कहा, दिल्ली की पराली को जलाने की जरूरत नहीं पड़े. इसके लिए छिड़काव करा रहे हैं. इलेक्ट्रिक व्हिकल पॉलिसी और ट्री ट्रांसप्लांट सिस्टम शुरू किया. अब नया कैंपेन लॉन्च कर रहे हैं. रेड लाइट पर जब गाड़ी रुकती है, तो हम इसे बंद नहीं करते. ये धुआं छोड़ते हैं. इससे प्रदूषण होता है. 

दस लाख गाड़ी भी रेड लाइट पर बंद हों तो बड़ा बदलाव

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि गर 10 लाख गाड़ी भी रेडलाइट पर गाड़ी बंद करना शुरू कर दें, तो साल में पीएम 10 इससे 1.4 टन कम हो जाएगा. पीएम 2.5 इससे 0.4 टन कम हो जाएगा. इससे जनता को भी फायदा होगा. एक्सपर्ट कहते हैं कि रेडलाइट पर एक मिनट में जितना ईधन खर्च होता है, उससे कम ड्राइवर में खत्म होता है.

ईंधन भी बचेगा और वातावरण भी स्वच्छ रहेगा

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि इससे ईंधन भी काफी बचेगा. एक गाड़ी रोड 15 से 20 मिटन रेड लाइट पर बिताती है. जिसमें 200 मिली तेल खपत करती है. साल में 7 हजार का नुकसान होता है. गर्मियों में प्रदूषण ऊपर जाता है, सर्दियों में जमीन पर ही रहता है. इससे गाड़ियों का प्रदूषण वातावरण में रहता है. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वालों ने 25 प्रतिशत तक प्रदूषण कम किया है.


 

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