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अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Nov 2020 06:28 AM IST

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा
– फोटो : एएनआई

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तापमान में गिरावट और हवा के मध्यम चाल की वजह से रविवार को राजधानी की हवा खराब श्रेणी में एक दिन के मुकाबले 23 अंक के आकडों के चढ़ाव के साथ और खराब हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 251 था। साथ ही दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद में 288 के आंकड़े के साथ सबसे खराब हवा दर्ज की गई।

दरअसल इन दिनों हवा का रुख उत्तर- पश्चिम दिशा की और बना हुआ है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार में भी कमी है। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने की वजह से प्रदूषण के तत्वों को छंटने में मदद नहीं मिल रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की कुल 649 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे और उत्पन्न होने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की प्रदूषण में 12 फीसदी हिस्सेदारी रही जबकि एक दिन पहले यह 15 फ़ीसदी और शुक्रवार को 13 फ़ीसदी थी। 

वहीं, पीएम 10 का स्तर 187 और पीएम 2.5 का स्तर 108 के साथ खराब श्रेणी में रहा। इससे एक दिन पहले पीएम10 का स्तर 175 और पीएम 2.5 का स्तर 100 रहा था। पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में रखा जाता है।

सफर के अनुसार, रविवार को हवा की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। इससे प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में मदद मिली है। वहीं, वेंटीलेशन इंटेक्स 6500 वर्ग मीटर प्रति सेकंड दर्ज किया गया है, हालांकि सोमवार से हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 15000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है। इससे राजधानी की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में भी पहुंचने की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े 
फरीदाबाद- 234
गाजियाबाद- 288 
ग्रेटर नोएडा- 270 
गुरुग्राम- 242 
नोएडा- 273 

तापमान में गिरावट और हवा के मध्यम चाल की वजह से रविवार को राजधानी की हवा खराब श्रेणी में एक दिन के मुकाबले 23 अंक के आकडों के चढ़ाव के साथ और खराब हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 251 था। साथ ही दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद में 288 के आंकड़े के साथ सबसे खराब हवा दर्ज की गई।

दरअसल इन दिनों हवा का रुख उत्तर- पश्चिम दिशा की और बना हुआ है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार में भी कमी है। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने की वजह से प्रदूषण के तत्वों को छंटने में मदद नहीं मिल रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की कुल 649 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे और उत्पन्न होने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की प्रदूषण में 12 फीसदी हिस्सेदारी रही जबकि एक दिन पहले यह 15 फ़ीसदी और शुक्रवार को 13 फ़ीसदी थी। 

वहीं, पीएम 10 का स्तर 187 और पीएम 2.5 का स्तर 108 के साथ खराब श्रेणी में रहा। इससे एक दिन पहले पीएम10 का स्तर 175 और पीएम 2.5 का स्तर 100 रहा था। पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में रखा जाता है।

सफर के अनुसार, रविवार को हवा की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। इससे प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में मदद मिली है। वहीं, वेंटीलेशन इंटेक्स 6500 वर्ग मीटर प्रति सेकंड दर्ज किया गया है, हालांकि सोमवार से हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 15000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है। इससे राजधानी की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में भी पहुंचने की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े 
फरीदाबाद- 234
गाजियाबाद- 288 
ग्रेटर नोएडा- 270 
गुरुग्राम- 242 
नोएडा- 273 

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