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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:49 AM IST

बोइंग 737 विमान (फाइल फोटो)
– फोटो : Social Media

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कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनियाभर में फ्लाइट्स पर बैन लगा। इस दौरान विमानों का इस्तेमाल या तो बहुत कम हुआ है, या फिर वे रखे ही रहे। इसलिए इससे उनमें तकनीकी खराबी का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) द्वारा सभी बोइंग 737 विमान के इंस्पेक्शन के निर्देश देने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट, विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस को अपनी फ्लीट में इन विमानों की जांच करने को कहा है।

हाल ही में एफएए ने उड़ान से संबंधित एक इमरजेंसी निर्देश जारी किया था। निर्देश में एयरलाइंस को करीब 2,000 यूएस रजिस्टर्ड बोइंग 737 एनजी और क्लासिक विमानों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। इनमें उन सभी विमानों की जांच होनी है, जिन्होंने पिछले सात या उससे ज्यादा दिनों से उड़ान नहीं भरी है।

इस संदर्भ में विस्तारा ने कहा कि उसके पास छह बोइंग 737 विमान हैं, जिनका इंस्पेक्शन पूरा हो चुका है। जबकि स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने कहा कि डीजीसीए का यह निर्देश उसके 82 बोइंग 737 के एक छोटे हिस्से पर लागू होता है। मालूम हो कि भारत में लॉकडाउन के चलते 25 मई के बाद से ही अधिकतर एयरक्राफ्ट जमीन पर थे। इस दौरान केवल कार्गो फ्लाइट्स का परिचालन हुआ। 

बोइंग ने दी सलाह
बोइंग ने 737 क्लासिक हावाई जहाज (श्रृंखला -300 से -500) और नेक्स्ट जनरेशन 737 (श्रृंखला -600 से -900) के ऑपरेटरों को सलाह दी है, कि कोरोना वायरस के चलते विमान का उपयोग कम हुआ है। जिसके चलते विमानों के वाल्व में जंग लगी हो सकती है। बोइंग ने कहा कि इससे इंजन के फेल होने का खतरा भी बन सकता है। इसलिए क्लासिक विमानों का निरीक्षण किया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनियाभर में फ्लाइट्स पर बैन लगा। इस दौरान विमानों का इस्तेमाल या तो बहुत कम हुआ है, या फिर वे रखे ही रहे। इसलिए इससे उनमें तकनीकी खराबी का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) द्वारा सभी बोइंग 737 विमान के इंस्पेक्शन के निर्देश देने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट, विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस को अपनी फ्लीट में इन विमानों की जांच करने को कहा है।

हाल ही में एफएए ने उड़ान से संबंधित एक इमरजेंसी निर्देश जारी किया था। निर्देश में एयरलाइंस को करीब 2,000 यूएस रजिस्टर्ड बोइंग 737 एनजी और क्लासिक विमानों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। इनमें उन सभी विमानों की जांच होनी है, जिन्होंने पिछले सात या उससे ज्यादा दिनों से उड़ान नहीं भरी है।

इस संदर्भ में विस्तारा ने कहा कि उसके पास छह बोइंग 737 विमान हैं, जिनका इंस्पेक्शन पूरा हो चुका है। जबकि स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने कहा कि डीजीसीए का यह निर्देश उसके 82 बोइंग 737 के एक छोटे हिस्से पर लागू होता है। मालूम हो कि भारत में लॉकडाउन के चलते 25 मई के बाद से ही अधिकतर एयरक्राफ्ट जमीन पर थे। इस दौरान केवल कार्गो फ्लाइट्स का परिचालन हुआ। 

बोइंग ने दी सलाह
बोइंग ने 737 क्लासिक हावाई जहाज (श्रृंखला -300 से -500) और नेक्स्ट जनरेशन 737 (श्रृंखला -600 से -900) के ऑपरेटरों को सलाह दी है, कि कोरोना वायरस के चलते विमान का उपयोग कम हुआ है। जिसके चलते विमानों के वाल्व में जंग लगी हो सकती है। बोइंग ने कहा कि इससे इंजन के फेल होने का खतरा भी बन सकता है। इसलिए क्लासिक विमानों का निरीक्षण किया जाना चाहिए।

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