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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Fri, 13 Nov 2020 11:47 AM IST

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पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरू हो चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह खुद राज्य में हालात बिगाड़ कर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ताकि चुनाव में ‘विक्टिम कार्ड’ खेल सकें।

तृणमूल के कई नेता बागी
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि टीएमसी में कई नेता बागी सुर अपना रहे हैं। 

बंगाल पुलिस ममता कैडर
बता दें कि एक दिन पहले ही दिलीप घोष की काफिले की कार पर पथराव कर चार शीशे तोड़ दिए गए थे। इसके बाद भाजपा विधायकों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर था। पुलिस ने 40 भाजपा कार्यकर्ताओँ को गिरफ्तार कर लिया था।
दिलीप घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल पुलिस ममता बनर्जी की कैडर के तौर पर काम करती है, यहां पुलिस के सामने नेताओं पर हमले होते हैं, लेकिन एक एफआईआर तक नहीं होती। दिलीप घोष ने कहा कि ममत बनर्जी खुद चाहती हैं कि राज्य में धारा 356 लागू हो जाए।बता दें, इसी धारा के तहत केंद्र द्वारा किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है। 

घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार जानबूझकर केंद्र सरकार को इसके इस्तेमाल के लिए मजबूर कर रही है ताकि वह चुनाव में विक्टिम कार्ड खेल सकें। दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में माफिया और गुंडे हैं जो लोगों को डराने का काम करते हैं और हिंसा का सहारा लेते हैं। 

इसके अलावा भाजपा नेता ने यह भी कहा कि शुभेंदु अधिकारी समेत टीएमसी में चार-पांच विधायक ऐसे भी हैं, जो बागी सुर अपना रहे हैं। वह कहते हैं कि पार्टी में उनका दम घुटता है, टीएमसी में कोई मान-सम्मान नहीं मिलता है। चर्चा ऐसी भी हैं कि लोग कहीं पार्टी ना छोड़ दें।

पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी जंग शुरू हो चुकी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह खुद राज्य में हालात बिगाड़ कर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती हैं ताकि चुनाव में ‘विक्टिम कार्ड’ खेल सकें।

तृणमूल के कई नेता बागी

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि टीएमसी में कई नेता बागी सुर अपना रहे हैं। 

बंगाल पुलिस ममता कैडर
बता दें कि एक दिन पहले ही दिलीप घोष की काफिले की कार पर पथराव कर चार शीशे तोड़ दिए गए थे। इसके बाद भाजपा विधायकों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर था। पुलिस ने 40 भाजपा कार्यकर्ताओँ को गिरफ्तार कर लिया था।
दिलीप घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल पुलिस ममता बनर्जी की कैडर के तौर पर काम करती है, यहां पुलिस के सामने नेताओं पर हमले होते हैं, लेकिन एक एफआईआर तक नहीं होती। दिलीप घोष ने कहा कि ममत बनर्जी खुद चाहती हैं कि राज्य में धारा 356 लागू हो जाए।बता दें, इसी धारा के तहत केंद्र द्वारा किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है। 

घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार जानबूझकर केंद्र सरकार को इसके इस्तेमाल के लिए मजबूर कर रही है ताकि वह चुनाव में विक्टिम कार्ड खेल सकें। दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में माफिया और गुंडे हैं जो लोगों को डराने का काम करते हैं और हिंसा का सहारा लेते हैं। 

इसके अलावा भाजपा नेता ने यह भी कहा कि शुभेंदु अधिकारी समेत टीएमसी में चार-पांच विधायक ऐसे भी हैं, जो बागी सुर अपना रहे हैं। वह कहते हैं कि पार्टी में उनका दम घुटता है, टीएमसी में कोई मान-सम्मान नहीं मिलता है। चर्चा ऐसी भी हैं कि लोग कहीं पार्टी ना छोड़ दें।

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