Only Hindi News Today

बलिया गोली कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ ने रविवार को लखनऊ के जनेश्नर पार्क के पास गिरफ्तार कर लिया है। धीरेंद्र पर कोटा आवंटन के दौरान गोली चलाने का आरोप है। पुलिस की 12 से भी ज्यादा टीमें उसे खोजने में जुटी थीं। वहीं पुलिस ने शनिवार को तीन और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं आरोपी धीरेंद्र के पक्ष में बयान देने पर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह को लखनऊ तलब कर लिया गया है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह उनसे सवाल जवाब कर सकते हैं।

आपको बता दें कि बलिया जिले कें रेवती क्षेत्र के ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की दो दुकानों के आवंटन के लिये गुरुवार दोपहर में पंचायत भवन में खुली बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह, बीडीओ बैरिया गजेन्द्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी। बैठक के दौरान दुर्जनपुर की दुकान पर सहमति नहीं बनी। बाद में वोटिंग कराने का निर्णय हुआ तो हंगामा शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हंगामा होते ही अधिकारियों ने बैठक स्थगित कर दी और जाने लगे। हालांकि इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। बैठक स्थगित होने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट  शुरू हो गई। मारपीट के दौरान एक पक्ष के पूर्व फौजी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने गोली चला दी जिससे दूसरे पक्ष के जयप्रकाश उर्फ गामा पाल  (46)निवासी दुर्जनपुर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि जयप्रकाश को चार गोली लगी थी।

आरोपियों पर 75-75 हजार का इनाम

दुर्जनपुर कांड के फरार आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने इनाम की घोषणा की गई थी। तीन दिनों के अंदर पुलिस पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

गुरुवार को हुई घटना के बाद रेवती पुलिस ने मृतक जयप्रकाश के भाई चन्द्रमा पाल की तहरीर पर आठ नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। शुक्रवार देर रात डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने फरार आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये तथा एसपी देवेन्द्र नाथ ने 25-25 हजार रुपये इनाम की घोषणा किया है। पुलिस का कहना है कि जांच में नाम सामने आने पर तीन और आरोपितों को पकड़ा गया। 



Source link

Leave a Reply