Only Hindi News Today

Health Tips: पीपता एक ऐसा फल है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. यह फल खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है. यह लो कैलरी फ्रूट स्‍वास्‍थ्‍य को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. यह स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी होता है. यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया, वज़न घटाने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने, स्वस्थ त्वचा पाने तथा कब्ज से छुटकारा आदि से लड़ने में मददगार साबित होता है. परंतु इसके अधिक सेवन से कई स्वास्थ्य नुकसान हो सकते हैं. तो चलिए जानते हैं पपीता खाना के दुष्परिणामों के बारे में.

गर्भवती होने पर

गर्भवती महिलाओं को पपीता खाने से बचने की सलाह दी जाती हैं, क्योंकि पपीते के बीज और जड़ भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पपीते में लेटेक्स की हाई मात्रा होती है जो गर्भाशय सिकुड़न का कारण बन सकती है. पपीते में मौजूद पपेन शरीर की उस झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक है.

पाचन संबंधी समस्याएं

पपीते में भारी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. कब्‍ज होने पर ये आपको फायदा दे सकता है. लेकिन ज्यादा मात्रा में सेवन आपका पेट खराब भी कर सकता है. इसके अलावा, पपीते की बाहरी त्वचा में लेटेक्स होता है, जो पेट को अपसेट कर सकता है और पेट दर्द का कारण भी बन सकता है.

लो ब्‍लड शुगर की समस्या

पपीता ब्‍लड शुगर के लेवल को कम कर सकता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है. ऐसे में अगर आप मधुमेह के रोगी हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक रहेगा.

एजर्ली हो सकती है

पपीते में मौजूद लेटेक्स से एलर्जी होने की संभावना होती है. इसके अधिक सेवन से सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं.

हो सकता है श्वसन विकार

पपीता में मौजूद एंजाइम पपेन को संभावित एलर्जी भी कहा जाता है. अत्यधिक मात्रा में पपीते का सेवन अस्थमा, कंजेशन और जोर जोर से सांस लेना जैसी विभिन्न श्वसन संबंधी विकार पैदा कर सकता है.

पथरी की समस्या

पपीते में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है. ज्यादा मात्रा में विटामिन सी लेने से किडनी में पथरी की समस्या हो सकती हैं.

गला हो सकता है खराब

आपको दिनभर में 1 से ज्यादा पपीता खाने से बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा पपीता खाने से आपका गला प्रभावित हो सकता है.

Chanakya Niti: चाणक्य के अनुसार दोस्ती बहुत सोच समझ कर करनी चाहिए नहीं तो उठानी पड़ती है परेशानी

Source link

Leave a Reply