Only Hindi News Today

कंपनी बदली है तो ITR फॉर्म में इन बातों का रखें खास ध्यान, 30 नवंबर आखिरी तारीख

आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है.

नई दिल्ली:

Income Tax Return Filing :  आकलन वर्ष (AY 2021) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख (30 नवंबर) नजदीक आ रही है. अक्सर वेतनभोगी कर्मचारी वित्तीय वर्ष के बीच में नौकरी बदलते हैं तो आयकर रिटर्न (आईटीआर) नहीं भरते हैं, लेकिन यह गलत है. आयकर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपने वित्त वर्ष 2018-19 के बीच में भी नौकरी बदली है तो दोनों कंपनियों की आय को मिलाकर रिटर्न भरा जाना चाहिए. 

यह भी पढ़ें

मान लीजिए कि अगर आपने वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2018-19 में अप्रैल से सितंबर तक एक कंपनी में और अक्टूबर से मार्च तक दूसरी कंपनी में नौकरी की है. ऐसे में आपको दूसरे नियोक्ता (कंपनी) को पहली कंपनी से हुई आय का विवरण देना होगा. इससे आप रिटर्न सहूलियत से भर पाएंगे. चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) कैलाश गोदुका के मुताबिक, अगर वित्तीय वर्ष के बीच में नौकरी बदलते हैं तो फिर आपको एक से अधिक नियोक्ताओं से प्राप्त आय को जोड़ कर अपनी आयकर रिटर्न दाखिल करनी चाहिए. अक्सर हम अपने पहले नियोक्ता की जानकारी अपने दूसरे नियोक्ता को नहीं देते हैं. इस कारण दोनों नियोक्ता न्यूनतम कर मुक्त आय की छूट दे देते हैं. लेकिन जब हम रिटर्न दाखिल करते हैं तो फिर हैरत में पड़ जाते हैं कि इतना ज्यादा कर कैसे बन गया. 

दोनों कंपनियों के फॉर्म 16 की जानकारी दें

अगर आपने वित्तीय वर्ष के 9-10 माह किसी एक कंपनी में और बाकी 2-3 माह किसी अन्य कंपनी में नौकरी की है तो भी आईटीआर भरने में दिक्कत नहीं होगी. आपको दोनों ही कंपनियों से फॉर्म 16 मिलेगा. दोनों फॉर्म 16 की जानकारी आपको आईटीआर में देनी होगी. आधी-अधूरी आय की जानकारी आईटीआर में देते हैं तो यह गलत माना जाएगी. ऐसे में आपको आयकर के नोटिस का सामना करना पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें- मोटा लेन-देन करके नहीं भरा है ITR तो हो जाइए सावधान! इनकम टैक्स विभाग का ये है प्लान

नौकरी छोड़कर कारोबार करते हैं तो भरें ये फॉर्म

अगर आप किसी वित्तीय वर्ष के बीच में नौकरी छोड़कर व्यवसाय करते हैं या व्यवसाय छोड़ कर नौकरी करते हैं तो फिर आप आईटीआर फॉर्म 1 यानी सहज नहीं भर सकते. नौकरी छोड़कर कारोबार या कारोबार छोड़कर नौकरी करने पर आईटीआर फॉर्म 3 भरना चाहिए.

आईटीआर 1 फॉर्म या सहज 

वेतनभोगी और जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है. यह आय वेतन, वन हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज आय और 5,000 रुपये तक कृषि आय है. उनके लिए ITR-1 या SAHAJ होता है
आईटीआर 2

किसी संपत्ति या परिसंपत्ति पर पूंजीगत लाभ या फिर एक ज्यादा घर रखने वाले व्यक्ति को ITR-2 फॉर्म भरना होता है. कारोबार और नौकरी वालों के लिए नहीं.
आईटीआर 3 

आईटीआर फॉर्म 3  (ITR -3) उन लोगों के लिए है जिन्हें कारोबार या पेशे के मुनाफे या लाभ से आय हो रही है.

 

Source link

Leave a Reply