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क्रेडिट स्कोर (Credit Score) कई मुख्य कारकों में से एक ऐसा मुख्य कारक हैं, जिसकी मदद से क्रेडिट के लिए आपकी योग्यता का पता चलता है। आपका क्रेडिट स्कोर जितना कम होगा, आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना उतना मुश्किल होगा।

क्रेडिट स्कोर (Credit Score) कई मुख्य कारकों में से एक ऐसा मुख्य कारक हैं, जिसकी मदद से क्रेडिट के लिए आपकी योग्यता का पता चलता है। आपका क्रेडिट स्कोर जितना कम होगा, आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना उतना मुश्किल होगा। दूसरी तरफ, अच्छा क्रेडिट स्कोर सिर्फ आपको क्रेडिट दिलाने में ही मदद नहीं करता है, बल्कि आपके लिए आकर्षक नियमों एवं शर्तों के दरवाजे भी खोल देता है, जैसे कम इंटरेस्ट रेट, ज्यादा क्रेडिट लिमिट, इत्यादि।

 

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इस लिए घट रहा है क्रेडिट स्कोर
कोरोना काल के दौरान सरकार ने ईएमआई भुगतान करने की अवधि में छूट दी थी। जो लोग ईएमआई का भुगतान नहीं करेंगे उन्हें डिफाल्टर नहीं माना जायेगा और उनके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं होगा। आरबीआई के निर्देश के बावजूद कई लोगों के क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय संस्थान क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट देते वक्त लोन मॉरेटोरियम की सुविधा लेने वाले ग्राहकों की रिपोर्ट में इस बात की चर्चा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें डिफाल्टर मान लिया जा रहा है और उनका क्रेडिट स्कोर गिर रहा है।

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क्या है उपाय
आप सभी भुगतान वक्त कर कर रहे है और लोन मॉरेटोरियम का लाभ रहे है तो इसके बाद क्रेडिट स्कोर कम हुआ है। अगर ऐसा है तो आप तुरंत अपनी रिपोर्ट मंगाये और इसे सही करवायें। इसके लिए आपको आईडी के साथ बैंक को मेल करें। ई-मेल सबजेक्ट में रेफरेंस नंबर का जरूर जिक्र करना चाहिए। साथ ही अपनी पूरी जानकारी और जो गलती हुई है उसका भी उल्लेख जरूर करें। इसमें आपने संपर्क नंबर देना ना भूले। समस्या का समाधान एक सप्ताह से लेकर एक महीने तक में दुरुस्त किया जाना चाहिए। सभी क्रेडिट ब्यूरो को ऑनलाइन शिकायत भेजी जा सकती है। यह करने के बाद आपका क्रेडिट स्क्रोर में सुधार जरूर होगा।













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