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नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बीच धार्मिक स्थलों को ना खोलने के मुद्दे पर तनातनी की स्थिति बनी हुई है. राज्यपाल ने जहां उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर मंदिरों के न खोले जाने के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व पर सवाल उठाया. तो वहीं उद्धव ठाकरे ने जवाब देते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी उनको हिंदुत्व ना सिखाएं.

राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे तनाव पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोरोना काल में सिर्फ महाराष्ट्र में ही मंदिर बंद हैं बल्कि कई राज्यों में यही स्थिति है लेकिन महाराष्ट्र के राज्यपाल को इसको मुद्दा क्यों बनाना है यह समझ से परे है.

शिवसेना और राज्यपाल के बीच चल रही तनातनी पर संजय राउत ने कहा कि आखिर ऐसा क्यों है कि सिर्फ महाराष्ट्र और बंगाल के ही राज्यपाल इतना ज्यादा लिखते हैं और बोलते हैं. राउत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ महाराष्ट्र में ही मंदिर बंद है बल्कि कई और राज्यों में भी यही स्थिति है लेकिन वहां के राज्यपाल ऐसा कुछ नहीं करते.

राज्यपाल की चिट्ठी पर जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा कि माननीय राज्यपाल हमको हिंदुत्व ना सिखाएं क्योंकि महाराष्ट्र की सत्ता पर इस वक्त हिंदू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे के बेटे बैठे हैं. रही बात सिनेमा घर, मॉल, रेस्टॉरेंट और बाज़ार खोलने की तो वो खोलना इस वजह से जरूरी था क्योंकि उससे सीधे करोड़ों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था. लेकिन मंदिर में जाने से अगर कोरोना फैलने का डर बढ़ता है तो उसको बंद रखने में ही सबकी भलाई है. राउत ने कहा कि भगवान भी यही चाहते हैं कि सब स्वस्थ रहें और काम धंधा चलता रहे तो भला इस पर विवाद क्यों!!

इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने पूजा स्थल खोलने को लेकर सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था. पत्र में राज्यपाल ने कहा था कि क्या आप खुद सेकूलर हो गए हैं!! या फिर आपको किसी दैवीय शक्ति का साक्षात्कार हो रहा है इस लिए आप मंदिर नहीं खोल रहे हैं.

वहीं राज्यपाल के इस ख़त का जवाब देते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा की हिंदुत्व का जो ज़िक्र आपने किया है उससे मैं सहमत हूं. लेकिन इसके लिए मुझे किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है. साथ ही मुझे हिंदुत्व किसी से सीखने की ज़रूरत नहीं है. कोश्यारी पर हमला करते हुए कहा कि ठाकरे ने कहा कि मेरे राज्य की राजधानी को पीओके कहने वालों का अपने गर्मजोशी से स्वागत किया क्या ये हिंदुत्व है!!

सीएम ने कहा, “धर्मस्थल खोलना हिंदुत्व और ना खोलना सेकुलर है, अगर ऐसा है तो राज्यपाल पद की शपथ संविधान के मुताबिक आपने ली है उसका मूल ही सेकुलरिज्म है क्या आप उसको नहीं मानते!! मै इतना बड़ा नहीं की मुझे किसी दैविय शक्ति का साक्षात्कार हो, आपको इसका अनुभव हो सकता है. मैं तो सिर्फ़ देश और दूसरे राज्यों में क्या सही या क्या ग़लत हो रहा है. उसकी जानकारी लेकर महाराष्ट्र की स्थिति सुधारने का प्रायास कर रहा हूं.”

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