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हाइलाइट्स:

  • आर्मीनिया अजरबैजान में 21वें दिन भी जंग जारी, शांति की सभी बातचीत फेल
  • नागोर्नो-काराबाख इलाके पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं दोनों देश
  • एक दूसरे के नागरिक क्षेत्रों पर हमला कर रही हैं सेनाएं, अबतक 600 से ज्यादा लोगों की मौत

बाकू
आर्मीनिया और अजरबैजान में पिछले 21 दिनों से जंग जारी है। दोनों ही देश नागोर्नो-काराबाख इलाके पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। रविवार को अजबैजान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ने आर्मीनिया के एसयू-25 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। जबकि, आर्मीनिया के रक्षा मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसके सभी लड़ाकू विमान सुरक्षित हैं और अजरबैजान झूठा दावा कर रहा है।

नागरिक इलाकों को निशाना बना रहे दोनों देश
आर्मीनिया ने दावा किया है कि अजरबैजानी फोर्स नागोर्नो-काराबाख की राजधानी स्टेपानाकर्ट को निशाना बना रही है। इस हमले में उसकी तरफ के सैकड़ों आम नागरिक मारे गए हैं। वहीं अजरबैजान का दावा है कि आर्मीनिया की सेना उसके दूसरे सबसे बड़े शहर गांजा पर मिसाइल दाग रही है। शनिवार को एक ऐसे ही मिसाइल हमले में 12 से अधिक अजरबैजानी लोग मारे गए जबकि 40 से ज्यादा घायल हो गए।

इस शहर को आर्मेनिया ने बनाया निशाना
330,000 से अधिक की आबादी वाला गांजा शहर नागोर्नो-काराबाख की राजधानी स्टेपानाकर्ट के उत्तर में लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पिछले रविवार को लड़ाई के शुरुआत में ही आर्मेनिया ने आरोप लगाया था कि अजरबैजान की सेना ने स्टेपानाकर्ट पर हमले करने और वहां की नागरिक आबादी को निशाना बनाया है। इसी के बाद नागोर्नो-करबाख के नेता आर्येक हरुटुटियन ने ऐलान किया था कि उनकी सेना भी अजरबैजान के शहरों को निशाना बनाएगी।

अजरबैजान के साथ तुर्की और इजरायल
उधर, अजरबैजान के साथ तुर्की और इजरायल खड़े हैं। तुर्की ने एक बयान जारी कहा है कि हम समझते हैं कि इस संकट का शांतिपूर्वक समाधान होगा लेकिन अ‍भी तक आर्मीनियाई पक्ष इसके लिए इच्‍छुक नजर नहीं आ रहा है। तुर्की ने कहा क‍ि हम आर्मेनिया या किसी और देश के आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ अजरबैजान की जनता के साथ आगे भी खड़े रहेंगे। माना जा रहा है कि तुर्की का इशारा रूस की ओर था। वहीं, इजरायल भी अजरबैजान को घातक हथियारों की सप्लाई कर रहा है।

आर्मीनिया का जवाबी ऐक्शन अजरबैजान पर पड़ा भारी, 12 की मौत, 40 से अधिक घायल

किस मुद्दे को लेकर दोनों देशों में छिड़ी जंग
दोनों देश 4400 वर्ग किलोमीटर में फैले नागोर्नो-काराबाख नाम के हिस्से पर कब्जा करना चाहते हैं। नागोर्नो-काराबाख इलाका अंतरराष्‍ट्रीय रूप से अजरबैजान का हिस्‍सा है लेकिन उस पर आर्मेनिया के जातीय गुटों का कब्‍जा है। 1991 में इस इलाके के लोगों ने खुद को अजरबैजान से स्वतंत्र घोषित करते हुए आर्मेनिया का हिस्सा घोषित कर दिया। उनके इस हरकत को अजरबैजान ने सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच कुछ समय के अंतराल पर अक्सर संघर्ष होते रहते हैं।

वीडियो: जंग में ‘टारगेट किलिंग’ को बढ़ावा दे रहा अजरबैजान, आर्मेनियाई सैनिकों को बना रहा निशाना

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